नोएडा

नोएडा एयरपोर्ट पर बढ़ी यात्रियों की भीड़, 21 दिन में 84% का उछाल

15 जून को पहले दिन जहां सिर्फ 1,427 यात्री पहुंचे थे, वहीं 5 जुलाई तक यह आंकड़ा बढ़कर 2,636 प्रतिदिन हो गया; 1 जुलाई से जुड़े 9 नए शहर, अब श्रीनगर के लिए भी कनेक्टिंग फ्लाइट उपलब्ध।

Noida International Airport : गौतमबुद्ध नगर के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में तेजी से नए मानक स्थापित कर रहा है। घरेलू उड़ानों के शुरू होने के केवल 21 दिनों के भीतर, इस नए एयरपोर्ट ने 40,000 से ज्यादा यात्रियों को सेवाएँ देकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस समय एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड 84 फीसदी तक की वृद्धि देखी गई है। जहां पहले दिन (15 जून) केवल 1,427 यात्री आए थे, वहीं पांच जुलाई तक यह संख्या बढ़कर 2,636 हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को इस महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन किया था। इसके पश्चात, तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों को पूरा करने के बाद 15 जून से यहां से घरेलू उड़ान सेवाएं विधिवत चालू की गईं।

इंडिगो-अकासा ने संभाली कमान

उड़ान सेवा के आरंभ के पहले ही दिन ‘इंडिगो’ एयरलाइन ने लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद और अमृतसर जैसे प्रमुख नगरों के लिए अपनी उड़ानें शुरू कर दी थीं। इसके अगले दिन, यानी 16 जून को, ‘अकासा एयर’ ने भी यात्रा शुरू की और जम्मू, बेंगलुरु तथा नवी मुंबई के रूटों पर अपनी फ्लाइट्स चालू कर दी। एयरपोर्ट की बढ़ती लोकप्रियता और मांग को ध्यान में रखते हुए, 1 जुलाई से यहां से देश के 9 नए शहरों के लिए उड़ानें आरंभ की गई हैं। इस विस्तार के बाद अब यात्रियों को नोएडा एयरपोर्ट से श्रीनगर जाने के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स की सुविधा भी उपलब्ध हो गई है।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़े यात्री

देश के विभिन्न हिस्सों से जवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत होते ही यहां यात्रियों की भीड़ तेजी से बढ़ रही है। नागरिक उड्डयन के आंकड़ों के अनुसार, 15 जून से अब तक कुल 40,060 यात्री इस एयरपोर्ट से यात्रा कर चुके हैं, जिसमें यहां आने वाले और यहाँ से उड़ान भरने वाले दोनों शामिल हैं। 1 जुलाई को नए शहरों के शामिल होने के बाद से एयरपोर्ट पर प्रतिदिन औसतन 2,500 से अधिक यात्री पहुंच रहे हैं, जो 5 जुलाई को अपने उच्चतम स्तर 2,636 पर पहुँच गया।

ट्रांजिट यात्रियों में इजाफा

एयरपोर्ट पर केवल सीधे यात्रा करने वालों की ही नहीं, बल्कि ट्रांजिट और ट्रांसफर यात्रियों की संख्या में भी बड़ा परिवर्तन देखा गया है। वर्तमान में ट्रांसफर यात्रियों की संख्या 658 और ट्रांजिट यात्रियों की संख्या 310 तक पहुंच गई है, जबकि प्रारंभिक दिनों में यह संख्या क्रमशः केवल 10 और 100 थी।
समझें अंतर क्या होता है:
​ट्रांजिट यात्री : ये वे यात्री होते हैं जो विमान के रुकने पर एयरपोर्ट पर उसी हवाई जहाज के भीतर बैठे रहते हैं और अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं।
ट्रांसफर यात्री : इन यात्रियों को अपनी अगली गंतव्य तक जाने के लिए इस एयरपोर्ट पर एक विमान से उतरकर दूसरे फ्लाइट में चढ़ना होता है (चाहे वह उसी एयरलाइन की हो या किसी अन्य)। ऐसे मामलों में यात्रियों को सुरक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक जांच-पड़ताल फिर से पूरी करनी होती है।

आगे और बढ़ेगा ग्राफ

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के CEO राकेश कुमार सिंह ने इस प्रारंभिक सफलता पर खुशी व्यक्त की है। उनका मानना है कि यह केवल एक शुरुआत है। भविष्य में जब और घरेलू रूट और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल तय होगा, तो इस एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या और तेजी से बढ़ेगी।

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